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सियासत में फौज का दखल:पाकिस्तान आर्मी देश में मिलीजुली सरकार चाहती है

पाकिस्तान की संसद में आज यह तय होगा कि इमरान सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कब होगी। संविधान के मुताबिक, अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के 3 दिन बाद और 7 दिन अंदर वोटिंग कराना जरूरी है। स्पीकर असद कैसर इमरान के इशारे पर वोटिंग टालना चाहते हैं, जबकि विपक्ष को जीत सामने नजर आ रही है, इसलिए वो इस पर जल्द से जल्द फैसला चाहता है।

इस सियासी कवायद में ताकतवर फौज को कथित तौर पर न्यूट्रल बताया जा रहा था, लेकिन अब खबर है कि मुल्क की बदहाल इकोनॉमी और बिगड़ते हालात को देखते हुए फौज चाहती है कि देश में सभी पार्टियों की मिलीजुली सरकार बनाई जाए। हालांकि, इमरान खान इसके लिए तैयार नहीं बताए जाते।

फौज क्या सोच रही है
पाकिस्तान के सीनियर जर्नलिस्ट अंसार अब्बासी ने फौज के इरादों की जानकारी है। अब्बासी को सेना का करीबी माना जाता है। दरअसल, चंद दिन पहले ‘द जंग’ अखबार में अब्बासी का एक आर्टिकल पब्लिश हुआ था। इसमें उन्होंने कहा था- मुल्क इस वक्त बेहद मुश्किल हालात में है। सियासतदान मुल्क की बेहतरी के बजाए सिर्फ खुद पर फोकस कर रहे हैं। ऐसे वक्त फौज को दखल देना चाहिए। वरना इन हालात में कुछ ऐसा भी हो सकता है कि पाकिस्तान पूरी तरह तबाह हो जाए। मुल्क की सलामती फौज के हाथों में है।

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