LSG के फिनिशर मुकुल चौधरी ने बताया कैसे तय किया मुश्किल सफर
कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के खिलाफ 27 गेंदों में 54 रन की बेखौफ नाबाद पारी खेलने वाले लखनऊ सुपर जाएंट्स के बल्लेबाज मुकुल चौधरी रातों रात स्टार बन गए हैं। उन्होंने गुरुवार को खेले गए आईपीएल 2026 के मुकाबले में मैच विजयी पारी खेलकर ना सिर्फ अपनी टीम को अभूतपूर्व जीत दिलाई, बल्कि अपनी पहचान भी बना ली। मुकुल ने कहा कि उन्हें अपने पिता का सपना पूरा करने की खुशी है।
मुकुल की दबाव में खेली गई इस पारी की बदौलत लखनऊ ने रोमांचक मुकाबले में केकेआर को तीन विकेट से हराया। उन्होंने अपनी पारी में सात छक्के और दो चौके लगाए और आठवें विकेट के लिए आवेश खान के साथ 54 रन की अटूट साझेदारी की, जिसमें आवेश का योगदान सिर्फ एक रन का था। मुकुल ने ऐसे समय यह पारी खेली जब मैच लखनऊ के हाथ से फिसलता नजर आ रहा था।
बेटे को क्रिकेटर बनाना चाहते थे मुकुल के पिता
मुकुल राजस्थान के झुंझुनु के रहने वाले हैं। इस खिलाड़ी ने प्लेयर ऑफ द मैच पुरस्कार लेने के बाद कहा, मेरा सफर वास्तव में मेरे जन्म से पहले ही शुरू हो गया था। मेरे पिता का सपना था कि उनका बेटा एक दिन क्रिकेट खेले। उस समय हमारी आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, इसलिए मैं जल्दी शुरू नहीं कर सका। मैंने लगभग 12-13 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया। उस समय ज्यादा अकादमियां नहीं थीं। मेरे घर के पास नई अकादमी खुली थी और मैंने वहां लगभग पांच-छह साल प्रशिक्षण लिया। उसके
