वॉर्न परिवार को हिस्सेदारी के कारण करोड़ों का फायदा
आईपीएल के लिए मंगलवार का दिन ऐतिहासिक रहा। दो फ्रेंचाइजी को लेकर दो बड़ी डीलों ने इस लीग की चमक को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया। जहां एक तरफ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु का स्वामित्व बदल गया, वहीं अमेरिकी मूल के बिजनेसमैन काल सोमानी के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने राजस्थान रॉयल्स की 100 प्रतिशत हिस्सेदारी 1.63 अरब डॉलर (करीब 15,290 करोड़ रुपये) में खरीद ली। राजस्थान और काल सोमानी की डील के बाद अचानक दिवंगत क्रिकेटर शेन वॉर्न सुर्खियों में आ गए। आइए जानते हैं कि ऐसा क्या हुआ है कि वॉर्न चर्चा में हैं और उनके परिवार को इस डील से क्यों फायदा होने वाला है…
एक क्लॉज की वजह से चर्चा में वॉर्न
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न, जो मैदान पर अपनी जादुई गेंदों के लिए जाने जाते थे, वह एक दूर की सोच रखने वाले शख्स भी थे। उन्हें सही समय पर सही दांव लगाने के लिए जाना जाता था। 2008 में आईपीएल के पहले सत्र में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान बनने पर, उन्होंने कथित तौर पर अपने अनुबंध में एक ऐसा क्लॉज शामिल किया था, जो लगभग दो दशक बाद उनके परिवार को एक बड़ी वित्तीय सौगात देने वाला है। यह क्लॉज तब एक्टिव हुआ जब राजस्थान रॉयल्स को काल सोमानी के नेतृत्व वाले एक अमेरिकी कंसोर्टियम ने 1.63 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 15,290 करोड़ रुपये) की भारी राशि में खरीदा।
वॉर्न का ‘वन-स्टॉप शॉप’ डील
2008 सीजन से पहले जब राजस्थान रॉयल्स ने वॉर्न को साइन किया था, तब उन्हें न केवल कप्तान की भूमिका सौंपी गई थी, बल्कि फ्रेंचाइजी में क्रिकेट संचालन का पूरा नियंत्रण भी दिया गया था।
