जेमिमा रॉड्रिग्स की कहानी: शुरुआत से लेकर भारतीय मध्यक्रम की चमक तक
नई दिल्ली: महिला वनडे विश्व कप 2025 के दूसरे सेमीफाइनल में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए एक ऐसी पारी खेली गई जिसने न सिर्फ मैच बल्कि हर भारतीय के दिल को छू लिया। इस पारी की नायिका रहीं जेमिमा रॉड्रिग्स। 25 साल की इस मुंबई की बल्लेबाज ने गुरुवार के दिन सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि एक पूरी यात्रा तय की। कभी टीम में ‘बेबी’ के नाम से पुकारी जाने वाली जेमिमा आज भारतीय महिला टीम में मध्यक्रम की रीढ़ बनकर खड़ी हैं।
शुरुआत: उम्मीदों से भरा एक चेहरा
पांच सितंबर 2000 को मुंबई में जन्मीं जेमिमा ने फरवरी 2018 में महज 17 साल की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा। शुरुआती दिनों में उनसे बड़ी उम्मीदें थीं, लेकिन सफर आसान नहीं रहा। उन्हें टीम से बाहर भी किया गया, आलोचना भी झेलनी पड़ी। मगर जेमिमा ने कभी हार नहीं मानी। वह खुद कहती हैं कि वह टीम में सबसे छोटी थीं, सब उन्हें प्यार से ‘बेबी’ कहते थे।’ लेकिन अब जेमिमा बेबी नहीं रहीं। उनके चेहरे की मुस्कान जितनी मासूम थी, उतनी ही मजबूत थी उनकी सोच। यही वजह है कि जब उन्हें मौके मिले, उन्होंने हर बार खुद को साबित किया।
उन्हें बीच में ड्रॉप भी किया गया। फिर 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने अपने बल्ले से चमक बिखेरी थी। हालांकि, 2023 महिला टी20 विश्व कप के बाद टीम से उन्हें बाहर कर दिया गया था। 2024 में एकबार फिर जेमिमा ने वापसी की और अब वह इस टीम का अहम हिस्सा हैं। जेमिमा क्रिकेट में अपने विकास का श्रेय इंग्लैंड में अब बंद हो चुकी किआ सुपर लीग (केएसएल) को देती हैं। यह किसी विदेशी टी20 लीग में उनकी पहली उपस्थिति थी। उस टूर्नामेंट में उनके आंकड़े असाधारण थे। तब जेमिमा ने 57.28 की औसत और 149.62 के स्ट्राइक रेट से 401 रन बनाए थे। इसमें 58 गेंदों पर नाबाद 112 रन शामिल हैं।
विश्व कप सेमीफाइनल की रात: आंसुओं में घुला विश्वास
2025 महिला वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में भारत मुश्किल स्थिति में था। रन धीरे-धीरे आ रहे थे और हर चेहरा तनाव से भरा था। लेकिन जब जेमिमा क्रीज पर उतरीं, सबकुछ बदल गया। उन्होंने धैर्य और क्लास के साथ एक शानदार 127 रन
