सेबी का नया कदम: म्यूचुअल फंड फोलियो खोलने की प्रक्रिया होगी सरल और मानकीकृत
व्यापार: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने म्यूचुअल फंड फोलियो खोलने और पहली निवेश प्रक्रिया को मानकीकृत करने का प्रस्ताव रखा है। इसका मकसद है कि निवेशकों के फोलियो केवल ‘नो योर क्लाइंट’ (KYC) सत्यापन के बाद ही बनाए जाएं। वर्तमान में कुछ मामलों में फोलियो KYC पंजीकरण एजेंसियों (KRA) द्वारा सत्यापन से पहले ही खुल जाते हैं, जिससे संचालन संबंधी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। बृहस्पतिवार को सेबी ने अपने प्रस्ताव के संबंध में बताया कि एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (AMC) पहले आंतरिक KYC जांच करती हैं और फिर दस्तावेज़ KRAs को भेजती हैं। यदि बाद में कोई विसंगति पाई जाती है, तो फोलियो ‘नॉन-कंप्लायंट’ घोषित कर दिया जाता है। इस वजह से निवेशकों को नए फोलियो में लेनदेन करने, रिडेम्पशन राशि या डिविडेंड प्राप्त करने में कठिनाई होती है, जबकि एएमसी को संचार और भुगतान में बाधाएं आती हैं, जिससे बिना दावे वाली राशि बढ़ती है। इन समस्याओं को दूर करने के लिए सेबी ने प्रस्ताव दिया है कि एएमसी केवल KYC दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही फोलियो बनाएं। इसके बाद ही KRAs अंतिम सत्यापन करेंगे और जब फोलियो को ‘KYC कंप्लायंट’ दर्ज किया जाएगा, तभी पहली निवेश की अनुमति दी जाएगी। निवेशकों को हर चरण की जानकारी ईमेल और मोबाइल के माध्यम से दी जाएगी।
