सिर्फ नौ मिनट में लिखा गया था ‘तुमको देखा तो ये ख्याल आया’
हर फिल्मी गाने के पीछे कोई कहानी होती है और गाने जब जावेद अख़्तर के हों तो कशिश आप समझ ही सकते हैं। इसी कशिश से लोग खींचे चले आए उस सभागार में जहां माइक्रोफोन पर मौजूद थे— ख़ुद जावेद। उनके साथ जमी गायक मंडली में सुरीले मेयंग चांग और जाह्नवी श्रीमंकर मौजूद थे।
हर फिल्मी गाने के पीछे कोई कहानी होती है और गाने जब जावेद अख़्तर के हों तो कशिश आप समझ ही सकते हैं। इसी कशिश से लोग खींचे चले आए उस सभागार में जहां माइक्रोफोन पर मौजूद थे— ख़ुद जावेद। उनके साथ जमी गायक मंडली में सुरीले मेयंग चांग और जाह्नवी श्रीमंकर मौजूद थे। शो का नाम था, ‘मैं कोई ऐसा गीत गाऊं’ इधर शाम ढलने लगी और उधर जावेद ने शुरू किए अपनी मौसिकी के फसाने।
