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ब्रिक्‍स के विस्‍तार से किसे होगा फायदा? G7 के खिलाफ क्या करना चाहता है चीन

जोहान्सबर्ग: दक्षिण अफ्रीका में इस सप्ताह ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन हुआ है। 22-24 अगस्त तक चलने वाली इस मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए भारत, चीन, और ब्राजील के राष्ट्र प्रमुख पहुंचे हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन की जगह उनके विदेश मंत्री यहां पहुंचे हैं। ब्रिक्स दुनिया की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं वाले देशों का समूह है। इस शिखर सम्मेलन में इस ब्लॉक के विस्तार से जुड़ा फैसला लिया जा सकता है। इस गुट का विस्तार पश्चिम के खिलाफ देखा जा रहा है। लेकिन इस ब्लॉक में आंतरिक कमजोरी दिखाई देती है।

रूसी राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन युद्ध के कारण दक्षिण अफ्रीका पहुंचने पर गिरफ्तार हो सकते हैं, इसलिए वह यहां आने से परहेज कर रहे हैं। वहीं भारत और चीन की बात करें तो उनका सीमा विवाद है। इतना ही नहीं, चीन अमेरिका को अपना दुश्मन मानता है, वहीं भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों में करीबी देखी गई है। इस समिट के दौरान नए सदस्यों को शामिल करने से जुड़ी बातचीत संभव है। कोरोना महामारी के बाद यह पहली मीटिंग है, जिसमें नेता व्यक्तिगत तौर पर शामिल होंगे।

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