सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला, बैंक खाते को फ्रॉड घोषित करने से पहले कर्जदारों का पक्ष भी सुनें
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा है कि किसी भी खाताधारक को फ्रॉड घोषित करने से पहले बैंकों को उनका पक्ष भी सुनना चाहिए। कर्ज लेने वाले की भी सुनवाई होनी चाहिए। इसके बाद बैंकों को कोई फैसला लेना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बैंकों को लेकर अहम फैसला सुनाया है। शीर्ष कोर्ट ने कहा कि किसी भी खाताधारक को फ्रॉड घोषित करने से पहले बैंकों को उनका पक्ष भी सुनना चाहिए। कर्ज लेने वाले की भी सुनवाई होनी चाहिए। इसके बाद बैंकों को कोई फैसला लेना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि ये एक तरह से लोन लेने वालों को ब्लैक लिस्ट में डालने के समान होता है।
प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के एक फैसले को कायम रखते हुए कहा कि खातों को धोखाधड़ी वाले के रूप में वर्गीकृत करने से उधारकर्ताओं के लिए अन्य परिणाम भी सामने आते हैं। उनकी सिबिल पर गंभीर असर पड़ता है। ऐसे में उन्हें सुनवाई का एक मौका मिलना चाहिए।
