चीनी विदेश मंत्री वांग यी अचानक पहुंचे अफगानिस्तान
अफगानिस्तान में तालिबान शासन की वापसी के बाद से पहली बार चीन के विदेश मंत्री काबुल के बेहद अहम दौरे पर पहुंचे हैं। माना जा रहा है इस दौरे में चीन का ध्यान अफगानिस्तान में खनन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट पर है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने गुरुवार को काबुल का औचक दौरा किया। इससे पहले वह पाकिस्तान में मौजूद थे जहां उन्होंने दो दिवसीय ओआईसी बैठक में हिस्सा लिया। उम्मीद जताई जा रही है कि वांग यी गुरुवार शाम को नई दिल्ली पहुंच सकते हैं। पिछले अगस्त में अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद यह चीन की तरफ से पहली प्रमुख यात्रा है।
हालांकि वांग यी तालिबान के साथ मुलाकात कर चुके हैं। उन्होंने काबुल पर कब्जे से पिछले साल जुलाई में तियानजिन में मुल्ला अब्दुल गनी बरादर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी। भारत समेत कई देश अफगानिस्तान में अपने दूतावास बंद कर चुके हैं लेकिन चीन ने काबुल स्थित अपने मिशन को बंद नहीं किया है। इतना ही नहीं, तालिबान को चीनी निवेश भी मिल रहा है। हालांकि बीजिंग ने अभी तक सिर्फ सीमित वित्तीय सहायता ही प्रदान की है।
चीन से पाकिस्तान फिर अफगानिस्तान जाएगी सड़क
इस हफ्ते की शुरुआत में वांग यी पाकिस्तान में थे। यहां उन्होंने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान से सीपीईसी (China-Pakistan Economic Corridor) का विस्तार अफगानिस्तान तक किए जाने की अपनी योजनाओं पर चर्चा की। चीनी विदेश मंत्रालय ने इमरान खान के हवाले से बताया, ‘चीन-अफगानिस्तान-पाकिस्तान सहयोग अफगानिस्तान में स्थिरता और क्षेत्रीय संपर्क के लिए एक केंद्र की भूमिका निभा सकता है। पाकिस्तान सीपीईसी का विस्तार अफगानिस्तान तक करने के लिए तैयार है।’
