घाटी में खौफ फैलाने की कोशिश में जुटे पाकिस्तान को मात देगा अमित शाह का प्लान
नई दिल्ली
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने पूर्वनिर्धारित कार्यक्रम के तहत आज जम्मू-कश्मीर दौरे पर जा रहे हैं। आतंकवादियों ने आम नागरिकों की चुन-चुनकर हत्या करके सरकार और सुरक्षा बलों के सामने नई चुनौती पेश कर दी है। कश्मीर पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, आतंकियों ने इस वर्ष 28 आम नागरिकों की हत्या कर दी है। यह सब पाकिस्तान की सरकार, वहां की आर्मी, खुफिया एजेंसी ISI और उसके पालतू आतंकी संगठनों के इशारों पर हो रहा है।
पाकिस्तान को मात देने की चुनौती
अक्टूबर के पिछले दो सप्ताह में ही 11 आम नागरिकों और नौ आर्मी जवानों की हत्या की जा चुकी है। आतंकी कश्मीर पंडितों, सिखों और प्रवासी मजदूरों को निशाना बना रहे हैं। ऐसे माहौल में शाह का यह दौरा खास मायने रखता है। माना जा रहा है कि शाह आम नागरिकों का खून बहाकर घाटी में फिर से दहशत का माहौल पैदा करने की नापाक कोशिशों में पाकिस्तान को पराजित करने की रणनीति लेकर जा रहे हैं। संविधान के अनुच्छेद 370 और 35ए के निरस्त होने के बाद से गृह मंत्री का यह पहला कश्मीर दौरा है।
शीर्ष अधिकारियों के भी दौरे
अमित शाह जम्मू-कश्मीर में तीन दिन रहेंगे। उनसे पहले सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे भी जम्मू-कश्मीर दौरे से लौट आए हैं। उनके दौरे से पहले शीर्ष अधिकारियों ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि 16 कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल एम वी सुचींद्र कुमार की अध्यक्षता में सुरक्षा समीक्षा बैठक हुई। इसमें पुलिस, अर्द्धसैनिक बल और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह भी बैठक में शामिल हुए।
