लंदन में इन दिनों आम लोगों, युवाओं और बच्चों से उनके खेलने की मुफ्त जगहें छीनी जा रही
लंदन में इन दिनों आम लोगों, युवाओं और बच्चों से उनके खेलने की मुफ्त जगहें छीनी जा रही हैं। शहर के सार्वजनिक स्केटपार्क, बच्चों के खेल के मैदान और बास्केटबॉल कोर्ट को तेजी से महंगे ‘पैडल कोर्ट’ में बदला जा रहा है।
पैडल, टेनिस से मिलता-जुलता एक रैकेट खेल है, जो ब्रिटेन में इन दिनों काफी ट्रेंड में है। लेकिन परेशानी की बात यह है कि ये नए पैडल कोर्ट ‘पे-टू-प्ले’ (पैसे देकर खेलने वाले) मॉडल पर आधारित हैं। स्थानीय लोग इसे पैसे वालों के लिए सुविधाएं विकसित करने का तरीका मान रहे हैं। इस ट्रेंड का सबसे ताजा शिकार बार्किंग स्केटपार्क बना है, जो लंदन का इकलौता फुल-साइज इनडोर स्केटपार्क था। इसे हाल ही में हमेशा के लिए बंद कर दिया गया ताकि वहां पैडल कोर्ट बनाया जा सके। आइवा सैटो जैसी कई मांएं इस फैसले से नाराज हैं। उनकी 11 साल की बेटी टोको राष्ट्रीय स्तर की स्केटबोर्डर है, लेकिन अब उसके पास अभ्यास करने के लिए कोई सुरक्षित इंडोर जगह नहीं बची है। एक जिम्नास्टिक सेंटर भी बंद करके उसे प्राइवेट पैडल क्लब में बदल दिया गया था। लोगों के गुस्से की असली वजह इन कोर्ट्स की भारी-भरकम फीस है।
