पेमेंट्स के मामले में भारतीयों का मिजाज भांपने में मेटा विफल रही
पेमेंट्स के मामले में भारतीयों का मिजाज भांपने में मेटा विफल रही है। भारत में वॉट्सएप पे की हिस्सेदारी 0.4% से भी कम है। दूसरी तरफ फोनपे और गूगल पे मिलकर 80% से ज्यादा यूपीआई लेनदेन संभालते हैं। पेमेंट्स की रेस हार चुकी मेटा ने नया दांव लगाया है।
