‘दर पर आया दीवाना…’ लैला-मजनू का रूहानी इश्क, हीर-रांझा की पाक मोहब्बत; बड़े पर्दे पर उतरीं अमर प्रेम कहानियां
‘कागा सब तन खाइयो, चुन-चुन खाइयो मांस, दो नैना मत खाइयो, मोहे पिया मिलन की आस’
सूफी संत बाबा फरीद की इन पक्तियों में उन प्रेमियों की तड़प शामिल है, जो मिलकर भी कभी मिल ना सके। इनकी पाक मोहब्बत की राह में दुनिया ही दुश्मन बनकर खड़ी रही। सदियों से ऐसे दीवानों की कहानी हमारी लोककथाओं का भी हिस्सा रही हैं। लैला-मजनू से लेकर हीर-रांझा तक अपनी मोहब्बत की वजह से ही अमर हो गए। इन प्रेमियों की, आशिकों की दर्द भरी प्रेम कहानियों को बड़े पर्दे पर हिंदी सिनेमा ने भी बखूबी उतारा है। वैलेंटाइन डे पर जानिए, इन प्यार में डूबे जोड़ों की कहानी को कैसे-कैसे और कब हिंदी फिल्मों में दिखाया गया।
