कंगाल पाकिस्तान को बचाने वाला अमेरिका, अपनी अर्थव्यवस्था में क्यों फंसा कर्ज़ के दलदल में?
व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष आसिफ मुनीर की मुलाकात के बाद से मानो पाकिस्तान की लॉटरी लग गई है. कंगाली की दहलीज पर खड़े पाकिस्तान को एक बार फिर संजीवनी मिल गई है. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने पाकिस्तान को 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 10,782 करोड़ रुपये) का कर्ज देने की मंजूरी दे दी है | यह वही पाकिस्तान है, जिसे लेकर भारत ने कई बार दुनिया को चेताया है कि वहां जाने वाला पैसा अंततः आतंकवाद को पोषित करने में खर्च होता है. लेकिन, कूटनीति के जानकारों का मानना है कि आईएमएफ के इस फैसले के पीछे ट्रंप प्रशासन का ‘सॉफ्ट कॉर्नर’ काम कर रहा है |
हालांकि, इस पूरी कहानी का दूसरा पहलू बेहद चौंकाने वाला है. एक तरफ अमेरिका अपने प्रभाव का
