क्यों और कैसे झुक गई शहबाज सरकार और कैसे मुनीर बन गए ‘सुपर पावर’
इस्लामाबाद। पाकिस्तान की सियासत में चल रही लंबी खींचतान, सौदेबाजी और सत्ता संघर्ष का अंत आखिरकार उसी दिशा में गया, जिसकी लंबे समय से चर्चा थी। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अंततः सेना के दबदबे के आगे झुकते हुए जनरल आसिम मुनीर की ‘सुपर पावर’ नियुक्ति पर अपनी मुहर लगा दी। राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए पाकिस्तान की सत्ता संरचना में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत कर दी है। अब इस पर सवाल उठ रहे हैं कि आखिर शहबाज सरकार मुनीर के सामने झुक कैसे गई और ऐसा क्या दांव चला गया कि मुनीर सीडीएफ भी बन गए।
राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद फील्ड मार्शल जनरल आसिम मुनीर न केवल पाकिस्तान के चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) बने रहेंगे, बल्कि वे देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेस (सीडीएफ) भी बन गए हैं। इस तरह पाकिस्तान के तीनों सेनाओं यानी थल, जल और वायु सेना की कमान अब एक ही अधिकारी के हाथों में होगी। यह नियुक्ति पाकिस्तान के संविधान में किए गए 27वें संशोधन के बाद संभव हुई है, जिसने सेना प्रमुख के अधिकार अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दिए हैं।
कई हफ्तों की सौदेबाजी का नतीजा
