मैंने कभी नहीं कहा कि वसुंधराजी से नहीं बनती। राजनीति में व्यक्तिगत द्वेष का स्थान नहीं है
मैंने कभी नहीं कहा कि वसुंधराजी से नहीं बनती। राजनीति में व्यक्तिगत द्वेष का स्थान नहीं है।

अगर नाराजगी होती तो मुख्यमंत्री पूर्व मुख्यमंत्री राजे से मिलने क्यों जाते?

किसी की हैसियत नहीं कि आरएएस पर टिप्प्णी करे।
ये कहना है केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का। भास्कर से विशेष बातचीत में शेखावत ने वसुंधरा राजे से नाराजगी की अटकलों, राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) पर बैन की मांग, बंगाल मिशन और राजस्थान में बीजेपी की अंदरूनी रणनीति पर खुलकर बात की।
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भास्कर: आपने कुछ समय पहले एक बयान में कहा था कि वसुंधरा राजे से संबंध अच्छे नहीं थे। अब स्थिति बदली है कि नहीं? शेखावत : मैं ऐसा कभी नहीं कहूंगा। राजनीति में व्यक्तिगत द्वेष का कोई स्थान नहीं है। हम एक परिवार के सदस्य हैं। परिवार में मतभेद हो सकते हैं, मनभेद नहीं। मनभेद की स्थिति पहले भी नहीं थी और न आगे होगी। मैं तो यह भी कहता हूं कि विचारधारा में भिन्नता होने पर भी राजनीति में मनभेद की गुंजाइश नहीं है। जो मन में रखते हैं, वे खुद अपनी उन्नति के मार्ग में बाधा बनते हैं।
