विश्व समुदाय में चिंता, महायुद्ध की आशंका से तनाव का माहौल
रूस-यूक्रेन की जंग में NATO और यूरोप की बढ़ रही दिलचस्पी ने दुनिया के सामने एक ऐसे युद्ध का संकट खड़ा कर दिया है, जिससे कोई भी अछूता नहीं रहेगा, लेकिन क्या महायुद्ध वाकई होने वाला है? सवाल अब तक की स्थिति में ज्यादा गंभीर नहीं लग रहा था, लेकिन अमेरिका में होने वाली एक खुफिया बैठक ने इस सवाल को बेहद गंभीर बना दिया है. ये बैठक है अमेरिकी सैन्य अधिकारियों की, जो बैठक में शामिल होने के लिए दुनियाभर से जुटेंगे.
दुनिया में जंग के कई मोर्चे खुले हैं और इन सभी मोर्चों पर अमेरिका कहीं प्रत्यक्ष रूप से शामिल है, तो कहीं परोक्ष रूप से. यही वजह है कि अमेरिका को लेकर एक संदेह की स्थिति पूरी दुनिया में बनी हुई है और अब ये संदेह एक आदेश से बहुत ज्यादा गहरा गया है. ट्रंप को सत्ता में आए 9 महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन जिस दावे के साथ वो सत्ता पर काबिज़ हुए वो दावा हवाई साबित हो गया. शांति स्थापना की जगह जंग के कई और प्रत्यक्ष मोर्चे खुल गए.
जंग के जो हालात सिर्फ यूक्रेन तक सीमित थे, उनको ट्रंप की नीतियों से विस्तार मिला, लेकिन इसी रण वि
