टेली-मार्केटिंग की मनमानी पर लगेगी रोक
नई दिल्ली. दूरसंचार नियामक ट्राइ के लाख कोशिशों के बावजूद लोगों को स्पैम कॉल्स, प्रमोशनल फोन कॉल्स और मैसेज आने बंद नहीं हुए हैं। लेकिन 1 सितंबर 2024 से टेली-मार्केटिंग के नाम पर लोगों को बार-बार फोन करना या उन्हें मैसेज करना आसान नहीं होगा। ट्राई ने स्पैम कॉल और मैसेज के नाम पर हो रही ठगी पर लगाम के लिए कई नियमों में बदलाव किया है और स्पैम कॉल्स को लेकर नई गाइडलाइन्स जारी की हैं। ट्राई के निर्देश के मुताबिक, एक सितंबर से अगर टेली-मार्केटिंग कंपनी ने यूआरएल, ओटीटी लिंक या काल बैंक नंबर को अधिकृत नहीं किया है तो इस प्रकार के मैसेज नहीं भेज सकेंगे। सभी टेलीमार्केटिंग कॉल को 140 सीरीज पर माइग्रेट करना होगा।
इसके लिए सभी टेलीकॉम कंपनियों को 30 सितंबर तक का समय दिया गया है। ट्राई ने प्रचार सामग्री के रूप में मैसेज टेम्पलेट के दुरुपयोग को रोकने के लिए दंडात्मक उपाय भी शुरू किए हैं। गलत श्रेणी के तहत पंजीकृत सामग्री टेम्पलेट को काली सूची में डाल दिया जाएगा और बार-बार नियम का उल्लंघन करने पर कॉलर की सेवाओं को एक महीने के लिए बंद कर दिया जाएगा। ट्राई पिछले कई साल से स्पैम काल से छुटकारा दिलाने का प्रयास कर रहा है।