कलकत्ता हाइकोर्ट ने ममता बनर्जी को दिया निर्देश, कहा- ‘राज्यपाल के बारे में कानून के अनुरूप बयान दे सकती हैं सीएम’
कलकत्ता हाईकोर्ट ने शुक्रवार को निर्देश दिया कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जीऔर तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष राज्य के राज्यपाल सीवी आनंद बोस के बारे में कानून के अनुरूप बयान दे सकती हैं। एकल पीठ के आदेश को संशोधित करते हुए न्यायाधीश आई पी मुखर्जी और न्यायाधीश विश्वरूप चौधरी की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि ममता बनर्जी राज्यपाल के संबंध में बयान देने के लिए स्वतंत्र होंगे, बशर्ते वे देश के कानून के अनुरूप हों और मानहानिकारक न हों।
खंडपीठ ने कहा कि किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा उसके लिए काफी मायने रखती है और कानून उसे इसकी रक्षा करने की शक्ति देता है। दूसरी ओर, भारत के प्रत्येक नागरिक को बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता दी गई है जिसका गला नहीं घोंटा जा सकता। हालांकि, पीठ ने कहा कि यह स्वतंत्रता उचित प्रतिबंधों के अधीन है। अदालत ने कहा कि हर व्यक्ति को सच्चाई जानने और सच्चाई सामने लाने का अधिकार है। हालांकि, इसे औचित्य की कसौटी पर खरा उतरना चाहिए।
