मशहूर निवेशक वॉरेन बफे कभी भारत नहीं आए। फिर भी उनकी 1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 95 लाख करोड़) की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने यहां मजबूत कारोबारी जड़ें जमा लीं
मशहूर निवेशक वॉरेन बफे कभी भारत नहीं आए। फिर भी उनकी 1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 95 लाख करोड़) की कंपनी बर्कशायर हैथवे ने यहां मजबूत कारोबारी जड़ें जमा लीं हैं। ग्रेग एबेल के सीईओ बनते ही इस ‘अनजान’ पोर्टफोलियो की असली तस्वीर सामने आ रही है।
एबेल को ऐसा भारतीय पोर्टफोलियो मिला, जो दशकों से चुपचाप बढ़ रहा है। पेटीएम में 26 करोड़ के निवेश पर 40% नुकसान झेलने वाली बर्कशायर की असली ताकत उसकी 58 गैर-लिस्टेड कंपनियों में हैं, जिनमें से कई भारत में सक्रिय हैं। इनसे बीते साल 4,378 करोड़ की आय हुई।
