नक्सली क्षेत्र में अब तक नहीं पहुंचे कोई प्रत्याशी, मुठभेड़ के बाद पसरा सन्नाटा
छत्तीसगढ़ के घोर नक्सल प्रभावित एकावारी में 13 अप्रैल को नक्सलियों और फोर्स के बीच मुठभेड़ हुआ था। फायरिंग के बाद यहां के मतदाता खामोश है। छह दिन बाद दूसरे चरण में यहां मतदान होना है। विडंबना है कि अब तक यहां प्रचार के लिए कांकेर लोकसभा क्षेत्र का कोई भी प्रत्याशी नहीं पहुंचा।
यहां के लोग ये भी नहीं जानते कि चुनाव में कौन प्रत्याशी है, कुल कितने नेता चुनाव लड़ रहे। फिर भी यहां के मतदाताओं ने कहा कि वे लोकतंत्र के लिए 26 को मतदान करने जरूर जाएंगे। एकावारी लिखमा पंचायत का आश्रित गांव है। एकावारी से पंचायत की दूरी 10 किमी है। मुठभेड़ की घटना के बाद पत्रिका यहां ग्राउंड रिपोर्टिंग करने पहुंची। गांव के चारों ओर सन्नाटा पसरा था। एक जगह कुछ लोग इमली तोड़ रहे थे। पहले तो ग्रामीण देखते ही डर गए, लेकिन जब ग्रामीणों को बताया कि हम राजस्थान पत्रिका के रिपोर्टर हैं और आपकी मन की बात और गांव का हाल जानने पहुंचे हैं, तब ग्रामीणों ने जानकारी दी। ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव में कौन खडे़ हुए हैं, ये नहीं जानते। अब तक कोई यहां प्रचार करने भी नहीं पहुंचा है। हम वोट डालने जरूर जाएंगे।
