कैसे तैयार होगा यूपीए-3 का आधार, राहुल के खास सलाहकार ने सीटों का गणित समझा दिया
नई दिल्ली: टेक्नोक्रेट और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सैम पित्रोदा ने शुक्रवार को कहा कि विपक्षी एकता की सफलता के लिए, हितधारकों को कुछ बलिदान करने की जरूरत है। इसमें उनके व्यक्तिगत हित शामिल हैं। उनका बयान 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए एकजुट होने के उद्देश्य से पटना में विपक्ष की बैठक से पहले आया है। इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा, संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन-3 (यूपीए-3) 2024 में एक संभावना है, जैसा कि 2004 और 2009 में हुआ था, लेकिन पार्टियों को अपने व्यक्तिगत हितों को दरकिनार करके कुछ बलिदान करने की जरूरत है।
यदि पार्टियां राष्ट्र के लिए बलिदान देने को तैयार हैं, तो गठबंधन मजबूत होकर उभरेगा, लेकिन यदि उनका ध्यान व्यक्तिगत हितों पर है, तो साझेदारी टूट जाएगी। वीडियो कॉल के माध्यम से आईएएनएस के साथ एक साक्षात्कार में, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी के साथ मिलकर काम कर चुके पित्रोदा ने कहा, मुझे लगता है कि हम सभी को एहसास हुआ है कि यह गठबंधन 2024 लोकसभा के लिए महत्वपूर्ण है। अगर सभी पार्टियां एक साथ आएं और एकजुट उम्मीदवार खड़ा करें, तो 60 फीसदी वोट बंटेंगे नहीं।
