हिंडनबर्ग की आंधी में उड़ गई दौलत, लेकिन नहीं टूटा हौसला
नई दिल्ली: हिंडनबर्ग के हमले के बाद अडानी समूह की दौलत भले ही आधे से अधिक उड़ गई हो, लेकिन कंपनी खुद को दोबारा से खड़ा करने की पूरी कोशिश कर रही है। अडानी समूह अपने कर्ज को कम करने, निवेशकों का भरोसा जीतने की कोशिश में जुटी है। संसद में अडानी मुद्दे पर खूब हंगामा हुआ। विपक्षी दलों के निशाने पर रहने वाले गौतम अडानी हिम्मत नहीं हारे हैं। अडानी एयरपोर्ट विपक्षी नेताओं की आंखों में सबसे ज्यादा चुभता है। अडानी समूह ने कहा कि उनकी कंपनी अभी देश में और एयरपोर्ट्स के लिए बोली लगाएगी। अडानी एयरपोर्ट के सीईओ अरुण बंसल ने कहा कि वो आने वाले दिनों में देश के और हवाई अड्डों के लिए काम करना चाहते हैं। वो आने वाले दिनों में और एयरपोर्ट्स के लिए बोली लगाएगी। मौजूदा वक्त में अडानी के पास 6 बड़े एयरपोर्ट के संचालन की जिम्मेदारी है।
