कच्चे तेल और पाम ऑयल की कीमतों में आई गिरावट
महंगाई (Inflation In India) की मार के बीच इन दिनों कई चीजों की इनपुट कॉस्ट में गिरावट आ गई है, लेकिन बावजूद इसके एफएमसीजी कंपनियों ने प्रोडक्ट्स की कीमतों (fmcg products price) में कटौती नहीं की है। क्रूड ऑयल (crude oil price fall) और पाम ऑयल सस्ता (palm oil price fall) होने के बावजूद एफएमसीजी प्रोडक्ट्स पर कोई असर नहीं दिख रहा है। संतूर जैसे ब्रांड बेचने वाली विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग के प्रेसिडेंट अनिल चुघ कहते हैं इनपुट कॉस्ट कम होने के बावजूद प्रोडक्ट्स की कीमतों में कटौती नहीं होगी। उनका कहना है कि कंपनियां महंगाई का पूरा भार ग्राहकों पर नहीं डाल रही थीं, बल्कि खुद का मार्जिन घटा लिया था। अब कंपनियों ने प्रोडक्ट्स के दाम तो नहीं घटाए हैं, लेकिन अच्छी बात ये है कि आने वाले दिनों में दाम अब और नहीं बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
पाम ऑयल का इस्तेमाल साबुन, बिस्कुट और नूडल्स बनाने में होता है, जबकि कच्चा तेल डिटर्जेंट और पैकेजिंग के लिए अहम इनपुट है। पाम ऑयल की कीमत 1800-1900 डॉलर मीट्रिक टन के उच्च स्तर से गिरकर 1300 डॉलर मीट्रिक टन तक आ चुकी है। वहीं कच्चे तेल की कीमत 130 डॉलर प्रति बैरल के उच्चतम स्तर से गिरकर 107 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची थी। एफएमसीजी सेक्टर की करीब आधी कंपनियों के लिए ये दो चीजें इनपुट कॉस्ट का हिस्सा हैं। खाने के तेल बेचने वाली कंपनियों ने कुछ कटौती की है, लेकिन एफएमसीजी की बाकी कैटेगरी में कोई कटौती नहीं हुई है। उनका कहना है कि कंपनी का मुनाफा काफी दबाव में है।