अगर वही करना है तो प्रशांत किशोर की क्या जरूरत
सियासी हलकों में एक सवाल बार-बार पूछा जा रहा है। प्रशांत किशोर ने कांग्रेस क्यों नहीं जॉइन की? अब खुद पीके ने इसका जवाब दे दिया है। हमारे सहयोगी चैनल ‘टाइम्स नाउ नवभारत’ से एक्सक्लूसिव बातचीत में पीके ने कई सवालों के खुलकर जवाब दिए। पीके ने कहा कि प्लान को लेकर कांग्रेस से उनकी कभी कोई अनबन नहीं रही। फिर प्रॉब्लम कहां आई? इसपर पीके ने कहा कि ‘प्लान को एक्जीक्यूट कैसे करेंगे, इसपर डिफरेंसेज थे।’ बकौल प्रशांत किशोर, कांग्रेस से उनकी जो भी बातचीत चल रही थी, वह उनकी (नेतृत्व) शर्तों पर ही हो रही थी। उन्होंने कहा कि बातचीत के दो पहलू हैं। कांग्रेस की अभी जो स्थिति है और कांग्रेस के लिए आगे जो रास्ते हैं… उसपर हमारी सहमति थी। मतभेद इस बात पर था कि हम इसे एक्जीक्यूट कैसे करेंगे। कांग्रेस ने घोषणा की है कि वे एक इम्पावर्ड एक्शन ग्रुप बनाना चाहते थे, वह मुझे उसमें चाहते थे। मुझे इससे कोई समस्या नहीं है, मगर उसकी संवैधानिक भूमिका पर मुझे शक था।’
क्यों अलग हुए कांग्रेस और PK के रिश्ते?
कांग्रेस से ब्रेकअप क्यों हुआ? इस सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा कि ‘बात कांग्रेस अध्यक्ष तक खत्म होती है, इसमें कोई दो राय नहीं थी। थोड़ी सी असहमति उस समूह के काम करने में थीं।’ पीके के मुताबिक, उन्हें लगा कि EAG के बनने से खींचतान शुरू हो जाएगी इसलिए उन्होंने खुद को इससे अलग कर लिया। पीके ने कांग्रेस नेतृत्व के बारे में कहा कि, ‘आपने यह किया, उसके लिए बहुत धन्यवाद। कांग्रेस की लीडरशिप ने मुझे बुलाया, मेरी बात सुनी, मैं इसके लिए उनका धन्यवाद करता हूं।’
