इस्तीफा नहीं देंगे श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया
श्रीलंका के आर्थिक संकट को लेकर विपक्ष ने राष्ट्रपति गोटबाया का इस्तीफा मांगा है। इस पर गोटबाया राजपक्षे ने कहा कि वह श्रीलंका के राष्ट्रपति का पद नहीं छोड़ेंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि वे संसद में 113 सीटों का बहुमत साबित करने वाली किसी भी पार्टी को सरकार सौंपने के लिए तैयार हैं।
इधर, श्रीलंका के राजनीतिक दलों में आपसी तनातनी कम होने का नाम नहीं ले रही है। विपक्षी दलों ने राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे की उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने विपक्ष से एकता मंत्रिमंडल में शामिल होने का अनुरोध किया था।
- श्रीलंकाई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को कानून नहीं तोड़ने की चेतावनी दी है।
- सोमवार को प्रदर्शनकारियों के एक ग्रुप ने प्रधानमंत्री आवास टेंपल ट्री को घेर लिया है। ये लोग देश में इमरजेंसी और कर्फ्यू का विरोध कर रहे थे।
- श्रीलंकाई सेना का कहना है वो हमेशा जरूरत के मुताबिक राज्य की सुरक्षा करने के लिए तैयार रहती है। डिफेंस फोर्सेस हमेशा संविधान का पालन करती हैं।
- श्रीलंका के कैबिनेट मंत्री जॉनसन फर्नांडो का दावा है कि राष्ट्रपति को इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है। उन्हें अब लोगों का समर्थन हासिल है।
श्रीलंका में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी
श्रीलंका में दवा की भारी कमी होने लगी है। इसके बाद देश में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया गया है। इसका मतलब है कि राज्य की स्वास्थ्य सुविधाएं अब केवल इमरजेंसी केस को प्राथमिकता देंगी। एएनआई ने श्रीलंकाई अखबार के हवाले से बताया कि अगर मौजूदा आर्थिक संकट जारी रहा, तो दवाओं की कमी बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच जाएगी।
जयवर्धने-संगाकार का सरकार पर हमला
दूसरी तरफ दिग्गज बल्लेबाज महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा ने सोशल मीडिया पर सरकार के खिलाफ गुस्से जाहिर किया है। जयवर्धने ने लिखा- सरकार आम लोगों की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं कर सकती। सरकार का विरोध करने पर लोगों को गिरफ्तार करना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। सच्चे नेता गलतियों को स्वीकार करते हैं।
