रूस से सस्ता पेट्रोल-डीजल पाने के कई तरीके
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध (Russia Ukraine War) को एक महीने से भी अधिक समय हो चुका है। अमेरिका की तमाम कोशिशों और प्रतिबंधों के बावजूद रूस ने युद्ध जारी रखा है। दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध के चलते बहुत सारी चीजों के दाम भी बढ़े हैं, जिनमें से एक है कच्चा तेल। इसका असर तो भारत पर दिखने भी लगा है, जिसके चलते पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं। इसी बीच रूस ने सस्ता कच्चा तेल भारत को ऑफर किया है, क्योंकि वह यूरोप को कच्चा तेल निर्यात नहीं कर पा रहा है। वहीं दूसरी ओर इस बैन की वजह से रूस को भी बहुत सारी चीजों की दिक्कत हुई है। ऐसे में भारत तमाम चीजों का अमेरिका को निर्यात के उसकी समस्याओं का समाधान कर सकता है और बदले में अपनी जरूरत की चीजें ले सकता है।
पाषाण युग का बार्टर सिस्टस करेगा मदद
पुराने वक्त में जब करंसी नहीं होती थी तो लोग एक दूसरे से एक चीज के बदले दूसरी चीज ले लिया करते थे। यानी हो सकता है एक व्यक्ति के पास गेहूं हो और दूसरी के पास चावल। ऐसे में गेहूं के बदले चावल और चावल के बदले गेहूं लेकर वह अपनी जरूरतें पूरी करते थे। आज पाषाण युग का वह हथियार रूस पर लगे बैन से उसकी मदद कर सकता है। रूस को कई ऐसी चीजों की दिक्कत हो रही होगी, जिनका आयात वह यूरोपीय देशों से करता था। वहीं भारत को कच्चे तेल और कोयले की बहुत जरूरत है, जो रूस के पास भरपूर मात्रा में हैं। ऐसे में भारत की तरफ से रूस को उसकी जरूरत की चीजें दी जा सकती हैं और बदले में कच्चा तेल और कोयला लिया जा सकता है।
