अपर्णा को चाहिए लखनऊ कैंट; इस पर रीता बहुगुणा बेटे के लिए अड़ीं
यूपी विधानसभा चुनाव में लखनऊ की कैंट सीट भाजपा के लिए एक अनार सौ बीमार जैसी हो गई है। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव इसी सीट से भाजपा के टिकट के लिए अड़ी हैं। भाजपा की मुश्किल ये है कि पार्टी के कद्दावर भी इसी सीट से दावेदारी ठोंक रहे हैं। भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी भी अपने बेटे के लिए कैंट सीट से ही टिकट चाहती हैं। इस रेस में राज्य के डिप्टी CM दिनेश शर्मा भी शामिल हैं।
सूत्रों का कहना है कि यदि भाजपा अपर्णा को कैंट से टिकट ऑफर करेगी तो वह सपा का साथ छोड़ देंगीं। अपर्णा यादव 2017 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की उम्मीदवार थीं और रीता बहुगुणा से हार गईं थीं। अपर्णा को लगता है कि अगर भाजपा ने उन्हें कैंट से उम्मीदवार बना दिया तो फिर विधानसभा पहुंचने का सपना सच हो जाएगा।
रीता बहुगुणा जोशी अपने बेटे मयंक जोशी के लिए कैंट सीट की दावेदारी कर रही हैं। खबर तो यह भी है कि रीता अपने बेटे का टिकट कन्फर्म कराने के बाद चुनावी संग्राम से संन्यास तक लेने के बारे में सोच रही हैं। दरअसल, 2012 में कांग्रेस के टिकट पर रीता बहुगुणा जोशी कैंट सीट से ही जीती थीं।
2017 में भाजपा के टिकट पर भी रीता ने अपर्णा यादव को मात देकर यह सीट अपने नाम की थी। हालांकि 2019 में पार्टी ने रीता को सांसद बना दिया। लिहाजा उपचुनाव में इस सीट से भाजपा के सुरेश तिवारी विधायक बन गए। अब रीता बहुगुणा वापस यह सीट अपने बेटे के लिए मांग रही हैं।
