मकर संक्रांति पर खूब चाव से खाई जाती है खिचड़ी
कोरोना वायरस महामारी के बीच त्योहारों का मौसम भी है और कोई भी त्योहार विशेष व्यंजनों के बिना पूरा नहीं होता है। हर त्योहार के लिए एक खास रेसिपी होती है। आज यानी शुक्रवार, 14 जनवरी को मकर संक्रांति (Makar Sankranti) का पर्व भी मनाया जा रहा है। इस पर्व पर खिचड़ी (khichdi) खाने की परंपरा होती है। लोग इस दिन अपने घरों में स्वादिष्ट खिचड़ी बनाते हैं चाव के साथ खाते-खिलाते हैं।
सवाल यह है कि मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी क्यों खाई जाती है? एक प्रचलित मान्यता के कारण मकर संक्रांति को खिचड़ी त्योहार भी कहा जाता है। चावल को चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है, उड़द की दाल को शनि का प्रतीक माना जाता है और सब्जियों को बुध का प्रतीक कहा जाता है। माना जाता है कि यह सुपरफूड आपकी ग्रह स्थिति को मजबूत रखने में मदद करता है।
खिचड़ी एक ऐसा भोजन है जिसे भारत के हर हिस्से में खाया जाता है। इसे बनाना आसान है और यह टेस्टी होने के साथ हेल्दी भी होती है। आमतौर पर खिचड़ी को डाल और चाल के साथ बनाया जाता है लेकिन आप इसमें स्वाद और पोषण जोड़ने के लिए इसमें कुछ सब्जियां और घी का इस्तेमाल कर सकते हैं। खिचड़ी को पचाना आसान है जिस वजह से यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहतर डिश है।
