किसान की बेटी दर्द बयां करते हुए बेहोश हुई, प्रियंका ने अपने हाथों से पिलाया पानी
कांग्रेस महासचिव और UP प्रभारी प्रियंका गांधी मिशन 2022 को लेकर एक्टिव हैं। शुक्रवार को वे सुबह सात बजे ललितपुर पहुंचीं। कुछ देर बाद सरकारी गेस्ट हाउस में ठहरने के बाद 9:15 बजे प्रियंका गांधी पंडयाना गांव में खाद के लिए जान गंवाने वाले किसान बल्लू पाल के परिवार से मुलाकात की। यहां तीन अन्य किसानों के परिवार भी थे, जिन्होंने खाद के लिए अपनी जान गंवाई थी। प्रियंका ने यहां एक कमरे में बैठकर पीड़ित परिजनों का उनका दर्द जाना।
अपनी पीड़ा बताते हुए मृतक भोगीराम पाल की बेटी सविता बेहोश हो गई तो प्रियंका ने उसे अपने हाथों से गिलास से पानी पिलाया। सविता ने ही बताया था कि उसके परिवार पर 4 लाख का कर्ज है। इसके बाद प्रियंका से सभी किसान परिवारों ने आर्थिक संकट की बात कही तो उन्होंने ने सभी को 5-5 लाख की आर्थिक मदद देने के लिए भरोसा दिया। कहा कि कांग्रेस पार्टी कर्ज चुकाएगी। पांच लाख की मदद करेगी। बच्चों की पढ़ाई की जिम्मा भी कांग्रेस लेगी। इससे पहले लखीमपुर हिंसा में पीड़ित 4 किसानों के परिवारों को छत्तीसगढ़ और पंजाब सरकार ने 50-50 लाख की मदद दी थी।
एक घंटे किसान के घर रहीं प्रियंका गांधी
प्रियंका गांधी बल्लू पाल के घर करीब एक घंटे रहीं। इसके बाद वह दतिया (मध्यप्रदेश) के लिए निकल गईं हैं। यहां वह मंदिर में माता के दर्शन करेंगी। झांसी के रास्ते वह दतिया कार से जा रहीं हैं। ललितपुर में अब तक 4 किसानों की मौत हो चुकी है। ये सभी खाद न मिलने से परेशान थे। दो किसानों की लाइन में लगने के बाद बीमार होने से मौत हुई, तो एक ने फांसी लगा ली। एक हफ्ते से हर दिन किसान आक्रोश जताकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
