Zostel ने की OYO के IPO पर रोक लगाने की मांग
नई दिल्ली
Zostel (Zo Rooms) ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड से ओयो के आईपीओ (OYO IPO) पर रोक लगाने की मांग की है। Zo Rooms ने सेबी को पत्र लिखा है, जिसमें उसने Oyo के ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) को अस्वीकार करने और ओयो के प्रस्तावित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) को निलंबित करने का अनुरोध किया है। ओयो के साथ कानूनी विवाद का हवाला देते हुए कंपनी ने सेबी से यह मांग की है। ओयो IPO के जरिए 1.2 अरब डॉलर तक की धनराशि जुटाने की योजना बना रही है।
क्या तर्क है Zostel का
सेबी को लिखे अपने पत्र में Zostel ने कहा कि ओयो का आईपीओ ‘नॉन मेंटेनेबल’ है क्योंकि ओरावेल का कैपिटल स्ट्रक्चर फाइनल नहीं है। इसलिए इन परिस्थितियों में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (इश्यू ऑफ कैपिटल एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) विनियम 2018 (आईसीडीआर विनियम) के विनियम 5(2) के तहत निहित शर्तों के मद्देनजर, ओरावेल का डीआरएचपी दाखिल करना अवैध है। आगे कहा गया है, “डीआरएचपी भौतिक चूक और गलत बयानों से भरा हुआ है, जिसका उद्देश्य जनता को ओरावेल के शेयरों में निवेश करने में शामिल जोखिम को बताए बिना गुमराह करना है।” दिलचस्प बात यह है कि Zostel के नोट में ओयो प्रमोटर सॉफ्टबैंक का एक प्रेजेंटेशन शामिल है, जिसमें 2016 में एक आय रिपोर्ट में उल्लेख किया गया था कि ओयो ने जोस्टेल का अधिग्रहण किया था।
