कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष ने पूछा, पूरी क्षमता से उत्पादन के बावजूद कहां गया कोयला
देश में अभूतपूर्व कोयला संकट के सरकारी दावों को कांग्रेस ने साजिश बताया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने आज सवाल उठाया कि पिछले साल और अब भी पूरी क्षमता से उत्पादन के बावजूद कोयला कहां गया। शुक्ला ने कहा, इस संकट के पीछे मोदी सरकार और अडानी समूह के षडयंत्र की बू आ रही है।
कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, जब से केन्द्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनी है, चन्द उद्योगपतियों को ही फायदा पहुंचाने के लिये नीतियां बनाई गयी है। देश की अधिकांश कोयला खदानें अडानी उद्योग समूह के पास हैं। अनेक राज्यों के विद्युत कंपनियों के नाम से आवंटित कोयला खदानों का उत्खनन भी अडानी समूह करता है। यह उद्योग समूह अपने औद्योगिक फायदे के लिये बिजली कंपनियों के कोयले को भी खुले बाजार में बेचता है। इस कारण भी देश के अनेक राज्यों की विद्युत कंपनियों के समक्ष कोयले का संकट पैदा हो गया है। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, कोयला संकट से मोदी सरकार और अडानी समूह के षडयंत्र की बू आ रही है। शुक्ला ने कहा, केंद्र सरकार की मंशा देश में कृत्रिम कोयला संकट पैदा करके बिजली कंपनियों के निजीकरण का रास्ता साफ करने की दिख रही है। उत्पादन की कमी के बहाने के पीछे भी षडयंत्र की बू आ रही है।
कोरोना की वजह से कम उत्पादन का दावा गलत
कांग्रेस नेता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि देश के पास प्रचुर मात्रा में कोयला का भंडार है। सरकार का यह कहना कि कोरोना के कारण कोयला खदानों से उत्खनन प्रभावित हुआ है गलत है। कोरोना की बंदी के समय भी कोयला खदाने चालू थी कोयले का परिवहन भी चालू था। कोरोना कम होने के बाद सभी उद्योग अपनी पूरी क्षमता के साथ उत्पादन शुरू कर चुके हैं, फिर कोयले का उत्पादन कैसे शुरू नहीं हुआ है ?
