फैटी लिवर के मरीजों के लिए रामबाण से कम नहीं ये उपाय
लिवर मनुष्य के शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। शरीर के कार्य को ठीक से करने के लिए इसके स्वास्थ्य को बनाए रखना जरूरी है। आमतौर पर लोग मानते हैं कि लिवर को स्वस्थ रखने के लिए शराब से परहेज ही एकमात्र उपाय है। जहां शराब लिवर की बीमारियों का कारण बनती है, वहीं कुछ ऐसे और भी कारण हैं, जो फैटी लीवर की वजह बन सकते हैं। नॉन अल्कोहलिक फैटी फैटी लिवर डिसीज वो बीमारी है, जो केवल शराब के सेवन के कारण नहीं होती। यह बीमारी एक बड़ी आबादी को प्रभावित करती है। इसके लिए एक्स्ट्रा कैलोरी जिम्मेदार है।
न्यूट्रिशनिस्ट पूजा माखीजा के अनुसार, नियमित व्यायाम, स्वस्थ वजन, और उचित पोषण बनाए रखने से इस बीमारी को ठीक करने में मदद मिल सकती है। न्यूट्रिशनिस्ट ने यहां कुछ ऐसे पोषक तत्व के बारे में बताया है, जिसे इस बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को अपने आहार में जरूर शामिल करना चाहिए। इससे लिवर स्वस्थ बना रहेगा।
चकोतरा में कई तरह के पोषक विटामिन होते हैं। नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज में अक्सर पुरानी सूजन के लक्षण दिखाई देते हैं। यह लक्षण लीवर फाइब्रोसिस का कारण बनते हैं। चकोतरा में नारिंगिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो सूजन से लड़ने में आपको सक्षम बनाते हैं। इसलिए इस बीमारी से पीड़ित लोगों को अपने आहार में चकोतरा को जरूर शामिल करना चाहिए।
