‘नोट करके रख लें 350 से कम नहीं जीतेंगे’
लखनऊ
‘हमारा जो ट्रेंड चल रहा है, आप नोट कर लें कि 350 सीटों से कम बीजेपी लेकर आएगी ही नहीं।’ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ नवभारत के एक कार्यक्रम में यह बयान दिया। विधानसभा चुनाव में चंद महीने बचे हैं और इस बयान के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या यूपी में वाकई बीजेपी की लहर है? सवाल यह भी है कि सीएम योगी क्या अति आत्मविश्वास में हैं? क्या चुनाव से पहले बीजेपी किसी मुगालते में है? एक विश्लेषण।
‘लहर जैसा अभी कुछ दिख नहीं रहा’
यूपी में चुनावी माहौल गरमाया हुआ है। पार्टियां अपने-अपने दावे कर रही हैं। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव दावा करते हैं कि उनकी पार्टी 400 सीटें जीतने जा रही है। वहीं अब योगी आदित्यनाथ कह रहे हैं कि बीजेपी 2017 से भी ज्यादा सीटें इस बार जीतेगी। इन दावों को किस तरह देखा जाए, इस पर वरिष्ठ पत्रकार सिद्धार्थ कलहंस कहते हैं, ‘पिछली बार इन्होंने 300 से ज्यादा सीटें जीती थीं। चुनाव के समय इस तरह के दावे किए जाते हैं। कांग्रेस का कहना है कि उसके बिना सरकार नहीं बन रही है। सभी के इस तरह के दावे हैं। लेकिन यह भी सत्य है कि उत्तर प्रदेश में चुनाव होने जा रहा है लेकिन लहर जैसी कोई अभी नहीं दिख रही है। अभी ना कोई लहर है ना कोई बड़ा मुद्दा कि उसी पर चुनाव हो रहा है। कई मुद्दे हैं, एक चीज स्पष्ट है कि भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी की ज्यादातर जगहों पर सीधी टक्कर दिख रही है। लहर जैसी कुछ दिख नहीं रही है, ना ही जनता ने ऐसा कोई रुख दिखाया है।’
‘कॉन्फिडेंट हैं तो अब्बा जान क्यों याद आ रहे हैं’
क्या विधानसभा चुनाव में जीत को लोकर बीजेपी ओवर कॉन्फिडेंट है या लहर जैसा कुछ दिखता है? इस पर यूपी के कई चुनावों को कवर कर चुके वरिष्ठ पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी कहते हैं, ‘चाहे अखिलेश कहें या योगी पहली बात तो ये पब्लिसिटी स्टंट है। हमें इसको गंभीरता से नहीं लेना चाहिए। अभी किसी को नहीं पता किसकी कितनी सीटें आएंगी। अभी तो टिकट वितरण ही शुरू हुआ है। दूसरी बात यह है कि अगर वह इतने कॉन्फिडेंट हैं तो उनको अब्बा जान क्यों याद आ रहे हैं। पोलराइजेशन की बात क्यों कर रहे हैं? अगर उनको इतना भरोसा है तो बजाय हिंदू-मुस्लिम के उनको अपनी उपलब्धियों पर चुनाव लड़ना चाहिए।’
