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Friday, July 31, 2026
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सेवावधि में कर्मठता पूर्वक कार्य मेरी पूँजी है, शिक्षक – सुधीरकांत तिवारी

शिक्षक परिवार ने किया सम्मान
दक्षिणापथ,रायगढ़/घरघोड़ा, (सरोज श्रीवास)।
सहायक शिक्षक पद से लेकर व्याख्याता तक कि सेवावधि में कर्मठता पूर्वक शासकीय कार्यों का निर्वहन ही मेरी पूँजी है ” शास.उ.मा. शाला घरघोड़ा से 31 जुलाई को व्याख्याता पद से सेवानिवृत्त हो रहे सुधीरकांत तिवारी का कहना है। प्रारम्भ से ही शासकीय सेवा के दौरान प्रशासन द्वारा सौंपे गए कार्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करने घरघोड़ा नगर में श्री तिवारी जी की अपनी एक पहचान रही है। विविध विषयवस्तु की जानकारी रखने के कारण छात्रों एवं अन्य शिक्षकों के मध्य वे प्रेरणास्रोत शिक्षक के रूप में एक सफल व्यक्तित्व रूप में लोकप्रिय रहे। सेवानिवृत्त से पूर्व उनके कार्यों को स्मरण करते हुए उन्हें आज घरघोड़ा के विशाल दुर्गा मंच में एक गरिमामयी सादगी पूर्ण कार्यक्रम में सम्मान किया गया एवं उनके सफल कार्यों को अनुकरणीय बताया। इससे पूर्व श्री तिवारी नगर में ही शासकीय प्राथमिक शाला (डॉ. अंबेडकर नगर) घरघोड़ा में प्रधानपाठक के रूप में अपनी सेवाएँ देकर सैकड़ों छात्रों को शिक्षा प्रदान की।सन 1984 से सारँगगढ़ विकासखण्ड के छोटे खर्री से अपनी शासकीय सेवा प्रारम्भ कर बालक प्राथमिक शाला घरघोड़ा में अपनी सेवाएँ दे चुके हैं।वर्तमान में 2017 से शास.उ.मा.बालक घरघोड़ा में वाणिज्य व्याख्याता के पद पर कार्य करते रहें हैं एवं 31 जुलाई 2021 को इस पद से सेवानिवृत्त हो रहे हैं।शिक्षण कार्य के अलावा शासन के अन्य कार्यों में भी उनकी भागीदारी रही है एवं शासकीय योजनाओं में सक्रियता पूर्वक सहभागिता निभाते रहे हैं। सम्मान समारोह को शिव प्रसाद तिवारी ने सम्बोधित कर सुधीरकांत तिवारी को एक अनुशासन युक्त शिक्षक बताया तो विजय पंडा ने उनकी कार्यशैली को अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायी बताया।सम्मान कार्यक्रम का आयोजन दुर्गा मंच घरघोड़ा के विशाल भवन में किया गया जिसमें अन्य शिक्षकों पालकों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सम्बोधित किया।इस अवसर पर पालक जनप्रतिनिधि, पत्रकार एवं अन्य लोग उपस्थित रहे हैं।