सरकार ने पिछले 12 वर्षों में हाईवे नेटवर्क पर करीब 16 लाख करोड़ रुपए खर्च किए, लेकिन वाहनों की रफ्तार में बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ
सरकार ने पिछले 12 वर्षों में हाईवे नेटवर्क पर करीब 16 लाख करोड़ रुपए खर्च किए, लेकिन वाहनों की रफ्तार में बहुत ज्यादा सुधार नहीं हुआ।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से संसद में पेश आंकड़ों और नीति आयोग की लॉजिस्टिक्स रिपोर्ट के अनुसार, 2014 में नेशनल हाईवे पर कारों की औसत रफ्तार 45 किमी/घंटा थी।
2026 में यह 52 से 58 किमी/घंटा के बीच है। यानी अधिकतम 13 किमी/घंटा ही बढ़ी। ट्रकों की औसत रफ्तार तो केवल 2 किमी/घंटा ही बढ़ी है। 100 किमी की यात्रा में कार से करीब 10 मिनट ही बचते हैं। इस निर्माण के लिए 12 साल में एक करोड़ से अधिक पेड़ भी काटे गए। स्टेट हाईवे जोड़ें तो संख्या 1.5 करोड़ से ज्यादा है।
