सुधार, निवेश और निर्यात आधारित रणनीति ने बदली चीन की तस्वीर
बीजिंग। आज की दुनिया एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ आर्थिक अनिश्चितता, बदलते वैश्विक समीकरण और विकास की नई चुनौतियाँ देशों को अपने रास्ते पुनः परिभाषित करने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इस परिदृश्य में चीन का विकास मॉडल केवल एक राष्ट्रीय सफलता की कहानी नहीं, बल्कि एक वैश्विक अध्ययन का विषय बन चुका है, विशेष रूप से उन देशों के लिए जो तेज़, समावेशी और टिकाऊ विकास की तलाश में हैं। पिछले चार दशकों में चीन ने जिस गति और पैमाने पर परिवर्तन किया है, वह अभूतपूर्व है। एक कृषि-प्रधान अर्थव्यवस्था से उभरकर वह दुनिया की अग्रणी औद्योगिक और तकनीकी शक्तियों में शामिल हुआ। इस परिवर्तन का सबसे उल्लेखनीय पहलू यह रहा कि यह केवल आर्थिक वृद्धि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने और जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाने में भी सफल रहा। चीन के विकास की एक प्रमुख विशेषता है- व्यावहारिकता पर आधारित नीति निर्माण। यहाँ विचारधारा
