बहुत जल्द इजराइल को मान्यता दे सकता है सऊदी
इजराइल की इंटेलिजेंस एजेंसी मोसाद के चीफ डेविन बार्निया ने पिछले हफ्ते वॉशिंगटन की सीक्रेट विजिट की थी। यह जानकारी खुद इजराइली मीडिया के हवाले से ही सामने आई है। माना जा रहा है कि वहां सऊदी अरब के टॉप ऑफिशियल्स भी मौजूद थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक- वॉशिंगटन में अमेरिकी नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर (NSA) जैक सुलिवन और मोसाद चीफ के बीच लंबी बातचीत हुई। इस बातचीत में सिर्फ यह डिस्कस किया गया कि सऊदी अरब और इजराइल के डिप्लोमैटिक रिलेशन कैसे और कितने जल्द शुरू कराए जा सकते हैं।
- 27 जुलाई को वॉशिंगटन पोस्ट ने एक रिपोर्ट में बताया था कि अमेरिकी NSA जैक सुलिवन अचानक सऊदी अरब पहुंचे हैं। उन्होंने राजधानी रियाद में सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान (MBS) से मुलाकात की है। दोनों के बीच चार राउंड बातचीत हुई। इस मीटिंग में सऊदी के तमाम टॉप ऑफिशियल्स भी मौजूद थे।
- अमेरिकी न्यूज वेबसाइट एक्सिओस के मुताबिक- इस मीटिंग का सिर्फ एक एजेंडा था कि सऊदी अरब को अब्राहम अकॉर्ड में शामिल किया जाए। इसी अकॉर्ड के तहत UAE और बहरीन समेत चार गल्फ कंट्रीज ने इजराइल को मान्यता दी थी और अब इन देशों को इजराइल की तरफ से बेहतरीन टेक्नोलॉजी और हथियार तक मिल रहे हैं। इजराइल और इन देशों के बीच ट्रेड रिलेशन भी काफी मजबूत हुए हैं।
