ट्रंप की ईरान को 48 घंटे वाली चेतावनी………….ताकत से ही शांति आएगी
वाशिंगटन। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़े युद्ध को तीन हफ्ते पूरे हो चुके हैं, लेकिन शांति की जगह संघर्ष बढ़ता जा रहा है। 28 फरवरी से शुरू हुई भीषण जंग ने न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को हिला दिया है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी संकट में डाल दिया है। लेबनान में मौतों का आंकड़ा 1029 तक पहुँच गया है, जबकि ईरान और इजरायल दोनों तरफ जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।
ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए मिसाइल हमलों ने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया है। डिमोना इजरायल का अत्यंत संवेदनशील रणनीतिक केंद्र माना जाता है। इन हमलों के बाद अब यह स्पष्ट हो गया है कि युद्ध केवल सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अब सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों और ऊर्जा केंद्रों को निशाना बनाया जा रहा है। युद्ध का सबसे भयावह असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पड़ा है। इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के बाधित होने से कच्चे तेल और गैस की वैश्विक सप्लाई
