बाजार में उथल-पुथल से निवेशवक घबराएं नहीं, लंबी अवधि के नजरिए से सोचें
नई दिल्ली। शेयर बाजार में इन दिनों तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वैश्विक स्तर पर जियो-पॉलिटिकल टेंशन के कारण बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है। ऐसे में सेबी के चेयरमैन तुहिन कांता पांडे ने छोटे निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बाजार में यह उथल-पुथल लंबे समय तक नहीं रहती और वैश्विक स्तर पर स्थिरता लाने के प्रयास चल रहे हैं। छोटे निवेशकों को घबराकर फैसले नहीं लेने चाहिए, बल्कि शांत रहकर लंबी अवधि के नजरिए से सोचना चाहिए।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सेबी चेयरमैन ने हाल ही में एक कार्यक्रम में इस बारे में जिक्र किया। उन्होंने बताया कि पिछले दस साल में भारत के कैपिटल मार्केट बहुत बड़े और मजबूत हुए हैं। अब ये बाजार वैश्विक घटनाओं से ज्यादा जुड़े हुए हैं। कोई भी बड़ी खबर या घटना तुरंत बाजार पर असर डाल देती है। जियो-पॉलिटिकल टेंशन, जैसे युद्ध या तनाव, बाजार को बुरी तरह प्रभावित कर रहे हैं, लेकिन तुहिन कांता पांडे ने जोर दिया कि बाजार की असली परीक्षा तब होती है जब अस्थिरता आती है और सिस्टम सही रूप से चलता रहता है।
उन्होंने कहा कि बाजार में अत्यधिक अस्थिरता के दौर आमतौर पर ज्यादा दिन नहीं टिकते। वैश्विक प्रयासों से बाजार जल्दी स्थिर हो जाते हैं। भारत के बाजार पिछले दशक में काफी विस्तारित हुए हैं, जिससे वे वैश्विक घटनाओं के प्रति संवेदनशील हो गए हैं। जानकारी और राय तेजी से फैलती है, जिससे प्रतिक्रिया होती है, लेकिन यह सामान्य प्रक्रिया है। छोटे निवेशकों के लिए मुख्य संदेश यह है कि घबराहट में शेयर बे
