काला धुआं और आग के बीच भी तेहरान में साफ हवा, दिल्ली में बढ़ा प्रदूषण
नई दिल्ली। ईरान में बीते दो हफ्तों से ताबड़तोड़ धमाके और बमों-मिसाइलों के धुओं से आमसान काला हो चुका है। तेल ठिकानों पर हमले के बाद कई मीडिया रिपोर्ट में तो यहां तक दावा किया गया कि ईरान के आसमान से जहरीली बारिश की बूंदे भी गिरने लगी हैं। इसके बावजूद भी आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि चारों तरफ काले धुएं के बाद भी तेहरान की हवा भारत की राजधानी नई दिल्ली की हवा से ज्यादा साफ है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार तेहरान का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 50-70 के अच्छा से मध्यम स्तर पर बना हुआ है। इसके ठीक उलट दिल्ली का एक्यूआई 150 से ऊपर, यानी खराब से अस्वस्थ स्तर पर बना हुआ है। चारों तरफ काला धुआं, काला आसमान, ताबड़तोड़ हमले, जहरीले हालात और आग के बावजूद तेहरान की साफ हवा ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। इसके बाद यह कहना गलत नहीं होगा कि भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक गतिविधियां और कृषि प्रदूषण नागरिकों की सांसों को कितना गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। दूसरी ओर युद्ध के बावजूद प्राकृतिक और मानवजनित प्रदूषण का वास्तविक असर कैसा होता है।
अब समझिए क्यों दिल्ली की हवा खराब है या रहती है?
