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मनोरंजन

बहुत आई गई यादें, मगर इस बार तुम्ही आना…’, स्मिता से लेकर शहनाज तक; अधूरी हाेकर भी पूरी हुई इनकी दास्तां

‘बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं,
लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं…..’

उमैर नज्मी का लिखा ये शेर उन प्रेमी जोड़ों की जिंदगी पर सटीक बैठता है जिनके पार्टनर को जिंदगी ने ही धोखा दे दिया। एक खुशहाल और मोहब्बत भरी कहानी में वक्त ने एक पर ऐसा सितम किया दूसरा उससे कभी उभर ही नहीं पाया।वैलेंटाइन स्पेशल वीक की पांचवी कड़ी में आज पढ़िए बॉलीवुड के ऐसे कपल्स की कहानी की जिनकी जिंदगी में अकेलापन है, यादें है, जुदाई है और अपने साथ के कभी न लौटने का गम है।

कमाल अमरोही और मीना कुमारी

‘चलो दिलदार चलो चांद के पार चलो…’

फिल्म ‘पाकीजा’ का यह गाना फिल्माते वक्त कमाल अमरोही ने कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन उन्हें उस चांद में ही मीना को ढूंढना होगा। 1938 में कमाल अपनी फिल्म ‘जेलर’ के लिए चाइड आर्टिस्ट ढूंढ रहे थे। उसी समय पहली बार कमाल और मीना की मुलाकात हुई। फिर कई साल बाद दोनों को अशोक कुमार ने मिलवाया। कमाल ने मीना कुमारी को अपनी फिल्म ‘अनारकली’ ऑफर की। फिल्म तो नहीं बन सकी मगर दोनों के बीच प्रेम कहानी शुरु हो गई।शूटिंग शुरू होने से पहले ही मीना कुमारी का एक्सीडेंट हो गया और वो पूना के एक अस्पताल में भर्ती हुईं। कमाल को पता लगा तो वो हर रोज मीना से मिलने जाते और उनका ख्याल रखने लगे। बचपन से ही प्यार के मामले में बदनसीब रहीं मीना के मन में कमाल के लिए मोहब्बत जाग उठी। कमाल पहले से ही शादीशुदा थे पर फिर भी एक साल बाद 14 फरवरी 1952 को 18 साल की मीना और 32 साल के कमाल ने गुपचुप निकाह कर लिया। शादी के बाद कुछ दिन तक तो ठीक रहा पर उसके बाद दोनों के बीच लड़ाईयां होने लगीं। कमाल ने मीना के साथ हाथापाई शुरू कर दी। कई इवेंट में कई सेलेब्स ने मीना के चेहरे पर चोट के निशान तक देखे। कमाल ने शादी के बाद मीना को काम तो करने दिया पर उन पर कई तरह की बंदिशें लगा दीं। नौबत यहां तक पहुंच गई कि एक दिन मीना कुमार ने तलाक मांग लिया और शर्त रखी कि वो कमाल की फिल्म ‘पाकीजा’ उनके तलाक देने के बाद ही पूरी करेंगी। कमाल ने मीना को आजाद कर दिया पर इसके बाद मीना और टूट गईं। अकेलेपन और अवसाद का शिकार हुईं तो उन्होंने शराब को अपना साथी चुन लिया। नींद न आने की बीमारी ने उन्हें शराब के और करीब ला दिया जिसके चलते मीना को लीवर सिरोसिस हो गया।‘पाकीजा’ की शूटिंग के दौरान मीना को पता चल गया कि उनके पास ज्यादा वक्त नहीं बचा है। मीना ने कमाल की फिल्म पूरी की। 4 फरवरी 1972 को फिल्म रिलीज हुई और बॉक्स ऑफिस पर सफलता के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। मीना के अंतिम समय में कमाल उनसे दोबारा शादी करना चाहते थे पर ऐसा हो न सका। फिल्म रिलीज के महीने भर बाद 31 मार्च को मीना ने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

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