भारतीय शेयर बाजार में 22 जनवरी को सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली
भारतीय शेयर बाजार में 22 जनवरी को सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली। टाटा सिल्वर ईटीएफ (Tata Silver ETF) जैसे फंड्स करीब 24 प्रतिशत तक टूट गए, जबकि इसी दौरान मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी के भाव में केवल 4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि जब चांदी की असली कीमत केवल 4% गिरी, तो उसे ट्रैक करने वाले ETF 24% कैसे गिर गए? एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह गिरावट चांदी के कमजोर होने की वजह से नहीं, बल्कि बजट से पहले भारतीय बाजार में स्पेकुलेटिव प्रीमियम अनवाइंडिंग के कारण हुई है।
स्पेकुलेटिव प्रीमियम अनवाइंडिंग क्या है?
स्पेकुलेटिव प्रीमियम अनवाइंडिंग का मतलब है कि बाजार में किसी चीज (जैसे शेयर, कमोडिटी या ETF) की कीमत सिर्फ सट्टेबाजी या अफवाहों से ज्यादा बढ़ गई होती है। यह एक्स्ट्रा बढ़ी हुई कीमत (प्रीमियम) उम्मीदों पर टिकी होती है, जैसे कोई पॉलिसी बदलाव या अच्छी खबर। लेकिन जब वो उम्मीदें गलत साबित होती हैं या कोई बदलाव नहीं आता, तो वो एक्स्ट्रा कीमत तेजी से कम हो जाती है।
