खेल

कोलकाता में चल रहे टाटा स्टील चेस इंडिया रैपिड टूर्नामेंट के दूसरे दिन भारतीय ग्रैंडमास्टर आर.प्रागननंदा और अमेरिकी खिलाड़ी वेस्ली सो के बीच खेले गए मुकाबले में निर्णायक के फैसले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया

कोलकाता में चल रहे टाटा स्टील चेस इंडिया रैपिड टूर्नामेंट के दूसरे दिन भारतीय ग्रैंडमास्टर आर.प्रागननंदा और अमेरिकी खिलाड़ी वेस्ली सो के बीच खेले गए मुकाबले में निर्णायक के फैसले को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया।

मैच के दौरान प्रागननंदा ने बिना अगली चाल चले ही घड़ी रोक दी और अर्बिटर (निर्णायक) से मदद मांगी। इसके बाद निर्णायक ने मुकाबले को ड्रॉ (बराबरी) घोषित कर दिया। इस फैसले सवाल उठ रहे हैं।

कैसे हुआ विवाद? आर.प्रागननंदा मैच के अंतिम क्षणों में अपना प्यादा प्रमोशन (रानी बनाने) की स्थिति में आगे बढ़ा चुके थे। लेकिन घड़ी में समय बहुत कम बचा था और वे प्यादे को रानी में बदल नहीं पाए। समय खत्म होने से ठीक एक सेकेंड पहले प्रागननंदा ने क्लॉक रोक दी और अर्बिटर की सहायता मांगी। इस दौरान कमेंटेटर्स और दर्शकों को लगा कि समय समाप्त होने के कारण वेस्ली सो को जीत मिल जाएगी, लेकिन लंबी चर्चा के बाद अर्बिटर्स ने मुकाबले को ड्रॉ घोषित कर दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *