रुपये का दबाव बढ़ा, विदेशी करेंसी के मुकाबले कमजोर हुआ भारतीय रुपया
भारतीय रुपये में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार जारी है और हालिया रिकवरी के बाद भी इसकी कमजोरी पूरी तरह थमती नजर नहीं आ रही है. अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड स्तरों के आसपास पहुंचने के बाद रुपये ने कुछ मजबूती जरूर दिखाई थी, लेकिन हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन की शुरुआत के साथ ही इसमें फिर गिरावट दर्ज की गई |
विदेशी निवेशकों की बिकवाली, कच्चे तेल की कीमतों में हल्का सुधार और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच रुपया 23 पैसे टूटकर 89.94 प्रति डॉलर पर आ गया. कारोबारियों के अनुसार घरेलू शेयर बाजारों में नकारात्मक रुख, आयातकों की ओर से डॉलर की बढ़ती मांग और व्यापार समझौतों को लेकर बनी अनिश्चितता ने निवेशकों की धारणा को कमजोर किया है, जिसका सीधा असर रुपये पर पड़ा है |
