अमेरिका की पाबंदी से रूसी तेल हुआ किफायती, भारत करेगा फायदा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हाल ही में फोन पर हुई बातचीत ने लंबे समय से अटकी भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं. दोनों नेताओं के बीच हुई यह चर्चा न सिर्फ सकारात्मक माहौल बनाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि दोनों देश कई अहम मुद्दों पर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं |
इस कॉल को विशेषज्ञ बड़े संकेत के रूप में देख रहे हैं, खासकर इसलिए क्योंकि महीनों से ट्रेड डील पर रुकावटें बनी हुई थीं. हालांकि दोनों सरकारों की ओर से अभी आधिकारिक रूप से डील की प्रगति के बारे में कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन इसे एक ‘कंस्ट्रक्टिव मूव’ माना जा रहा है |
पहले फेज में क्या हो सकता है?
ET की एक रिपोर्ट में बताया गया कि इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपर्ट का मानना है कि डील के पहले चरण में दो बड़े बदलाव दिख सकते हैं | पहला, रूसी तेल से जुड़े 25% पेनल्टी टैरिफ को हटाया जा सकता है, जो लंबे समय से भारत की चिंता का विषय है. दूसरा, एक्सपर्ट को उम्मीद है कि भारत भी अमेरिका पर लगाई गई अपनी कुछ जवाबी ड्यूटी को कम कर लगभग 1516 प्रतिशत के स्तर पर ला सकता है |
