मुर्दाघर के फ्रीजर से नहीं निकल पाई दादी, डॉक्टरों की एक गलती की वजह से हुई मौत
वाशिंगटन। अस्पताल में मुर्दाघर के फ्रीज में एक महिला को गलती से बंद कर दिया गया। महिला की जब आंख खुली, तब बाहर निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन वह सफल नहीं हुई। जमा देने वाली ठंड की वजह से उसकी अंदर ही मौत हुई। रिपोर्ट के मुताबिक, मारिया डी जीसस अरोयो नाम की महिला को लॉस एंजिल्स के उनके घर में हार्ट अटैक आया। इसके बाद महिला को मृत घोषित किया गया। इस दादी को मृत घोषित करने के बाद मुर्दाघर के फ्रीजर में रखा गया। कुछ देर बाद महिला को होश आया और दादी ने फ्रीजर से निकलने की कोशिश की, लेकिन ठंड से वजह से उनकी मौत हो गई।
अब महिला के परिवार ने दावा किया कि उन्हें जीवित रहते हुए ही मुर्दाघर के फ्रीजर में रखा गया था। डॉक्टरों ने उनके शरीर को निर्जीव समझ बॉडी बैग में बंद कर फ्रीजर में रख दिया। लेकिन वह तब भी जीवित थीं। कानूनी दस्तावेजों के अनुसार, मारिया का शव अस्पताल के एक रेफ्रिजरेटेड शवगृह में रखा गया था। हालांकि, जब कई दिनों बाद अंतिम संस्कार
