मेटा CEO मार्क जकरबर्ग ने जून में अपनी नई सुपर इंटेलिजेंस लैब का ऐलान किया
मेटा CEO मार्क जकरबर्ग ने जून में अपनी नई सुपर इंटेलिजेंस लैब का ऐलान किया था। तब उन्होंने बताया था कि इस प्रोजेक्ट में शामिल 11 वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। इनका मकसद ऐसी मशीनें बनाना है जो इंसानी दिमाग से भी ज्यादा ताकतवर हों।
न्यूयॉर्क टाइम्स को मिले इंटरनल मेमो से पता चला है कि ये सभी 11 वैज्ञानिक दूसरे देशों में पढ़े लिखे अप्रवासी हैं। इनमें से 7 वैज्ञानिक चीन से हैं, जबकि बाकी 4 भारत, ब्रिटेन, साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से हैं।
अखबार ने लिखा है कि अमेरिका में लंबे समय से सरकारी अधिकारियों और एक्सपर्ट का एक वर्ग चीन को AI के क्षेत्र में सबसे बड़ा खतरा बताता रहा है। लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि अमेरिका में हो रहा बड़ा और क्रांतिकारी AI रिसर्च काफी हद तक चीनी वैज्ञानिकों की मदद से आगे बढ़ाया जा रहा है।
