किर्गिस्तान में झील के तट पर अटलांटिस जैसे शहर की खोज, इस्लामी रिवाजों के मिले लिंक
बिश्केक । प्लेटो की अटलांटिस की कहानी फिर चर्चा में है। इस चर्चा की वजह एक नई खोज है। रूसी विज्ञान अकादमी के पुरातत्वविदों ने किर्गिस्तान की इस्सिक कुल झील के नीचे 15वीं शताब्दी के विनाशकारी भूकंप में नष्ट हुए एक डूबे हुए शहर के निशान खोल निकले हैं। यह दुनिया की आठवीं सबसे गहरी झील है, जिससे यह कमाल की खोज हुई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, झील के उत्तर-पश्चिमी बिंदु के पास बाढ़ग्रस्त तोरु-अयगीर परिसर में स्थित शहर को खोजकर्ताओं ने खुदाई के दौरान ढूंढ़ निकाला है। जानकार ने झील के तटरेखा के आसपास 3 से 13 फीट की उथली गहराई पर चार पानी के नीचे के क्षेत्रों का सर्वेक्षण किया है। यहां उन्हें यह प्राचीन शहर मिला है।
एक्सपर्ट को खुदाई स्थल से रोजमर्रा की चीजों का बड़ ढ़ेर मिला है। यह किसी समय के संपन्न महानगर या बड़े कारोबारी समूह को दिखाता है। खोज में पकी हुई ईंटों से बनी कई संरचना मिली है। इसमें एक चक्की का पाट भी है, इसका इस्तेमाल अनाज को कुचलने और पीसने के लिए होता था। इसके अलावा धंसी हुई पत्थर की संरचनाएं और लकड़ी के बीम हैं।
