कच्चे तेल की कीमतों में 4% से अधिक उछाल, अमेरिका के प्रतिबंधों से बाजार में मचा उतार-चढ़ाव
व्यापार: यूक्रेन में शांति समझौते पर बातचीत के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव बनाने के प्रयास के तहत अमेरिका ने रूस की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन प्रतिबंधों में अमेरिका में रोसनेफ्ट और लुकोइल की सभी संपत्तियों को जब्त करना भी शामिल है। अमेरिका की इस सख्ती के बाद बृहस्पतिवार को वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी से ज्यादा उछाल दर्ज किया गया।
ब्रेंट क्रूड 2.71 डॉलर या 4.3 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 65.30 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड की कीमतें 2.56 डॉलर या 4.40 फीसदी के उछाल के साथ 61.06 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गईं।
अमेरिका से पहले ब्रिटेन ने भी पिछले सप्ताह रोसनेफ्ट और लुकोइल पर प्रतिबंध लगाए हैं। यूरोपीय संघ के देशों ने भी रूस के खिलाफ प्रतिबंधों के 19वें पैकेज को मंजूरी दी, जिसमें रूसी एलएनजी के आयात पर पाबंदी लगाना भी शामिल है।
